कोबरा पोस्ट के स्टिंग में बड़ा खुलासा- अखलाक हत्याकांड में मीट सैंपल बदलने का अखिलेश सरकार ने डाला था दबाव

0
67

नई दिल्ली: बुलंदशहर में गौरक्षा के नाम पर हिंदूवादी संगठनों द्वारा शहीद हुए स्याना के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत को लेकर पहले से ही प्रदेश का माहौल गर्म है। इसी बीच कोबरापोस्ट ने एक चौकाने वाला खुलासा किया है कोबरापोस्ट ने एक वीडियो जारी किया है जिसमे दादरी कांड को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है।

कोबारपोस्ट ने अपने स्टिंग में बताया की, दादरी के बिसाहड़ा में जब अखलाक को फ्रिज में गाय का गोस्त रखने के शक में मार दिया गया था तब उस समय सुबोध कुमार सिंह थाना प्रभारी थे और उन पर मीट सैंपल चेंज करने का दवाब बनाया गया था। ये स्टिंग के वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है।

वही इस वीडियो पर कोबरापोस्ट का कहना है कि उनका यह खुलासा उस तहक़ीक़ात का पहलु है। जो पिछले कई महीने से देश में गाय के नाम पर हो रही हत्याओं पर शुरू किया था। कोबरापोस्ट के रिपोर्टर उमेश पाटिल और असित दीक्षित ने फिल्म रिसर्चर के रूप में सुबोध कुमार सिंह से भेट की थी। किसी वजह से कोबरापोस्ट की वह खोज पूरी न हो सकी। इस ताजा खुलासे के पीछे कोबरा पोस्ट का कहना है की सुबोध कुमार सिंह के साथ हुई नाइंसाफी की सच्चाई सब जान सके।

आपको बतादे कि 2015 में हुए अख़लाक़ हत्याकांड के समय सुबोध कुमार जारछा थाने के एसएचओ थे। अख़लाक़ का गांव भी इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अख़लाक़ के भाई जान मोहम्मद ने बीबीसी को बताया था की, एसएचओ सुबोध कुमार सिंह ही मौके पर सबसे पहले पहुंचे थे। उन्होंने ही अख़लाक़ और उनके बेटे दानिश ख़ान को हॉस्पिटल पहुंचाया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी क़ानून व्यवस्था आनंद कुमार के अनुसार, सुबोध कुमार सिंह 28 सितंबर 2015 से लेकर 09 नवंबर 2015 तक अखलाक़ हत्याकांड केस की जाँच कर रहे थे। लेकिन इस मामले में उन्होंने चार्जशीट दाख़िल नहीं की थी।

वही अख़लाक़ के भाई जान मोहम्मद ने बताया की, भाई के मामले में पहली गिरफ़्तारी सुबोध कुमार सिंह और उनकी टीम ने ही की थी। आनंद कुमार के अनुसार, बाद में सुबोध कुमार ट्रांसफर कर दिया गया और उनकी जगह दूसरे अधिकारी ने मामले में चार्जशीट दाख़िल की थी। हालांकि आनंद कुमार ने सुबोध कुमार के ट्रांसफर की वजह नहीं बता पाए।

loading...