SC/ST कानून भारतीय समाज को बाटने का कारण बनेगा- स्वामी स्वरूपानंद

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मथुरा: द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती वृन्दावन प्रवास पर शनिवार को कहा कि मोदी सरकार द्वारा संशोधित रूप में लाया गया SC/ST कानून भारतीय समाज को बाटने का काम करेगा।

पत्रकारों से बातचीत करते हुये स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देश का कानून है की अगर कोई व्यक्ति अपराधी है या हत्यारा है। तो उसको सजा मिलनी चाहिए लेकिन बिना अपराध किये उसको सजा नहीं मिलनी चाहिये। इससे क्या होगा कि अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति या जनजाति का व्यक्ति इसका फायदा उठा सकता है किसी को बिना वजह के जेल भेजवा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सवर्ण लोग भी अपने विरोधी को परेशान करने के लिए एक दूसरे के ऊपर आरोप लगा देते हैं और व्यक्ति जेल चला जाता है। जेल से निकलने के बाद उसके प्रति भेदभाव होगा यह हमेशा के लिए देश को बांटने का काम करेगा। आरक्षण पर बात करते हुये कहा कि, आरक्षण किसी से छीन कर किसी को दे दिया जाता है और उनसे छीना जाए उनका अपराध क्या है हम भी चाहते हैं जिनके पास सद्बुद्धि है नौकरी है उनको दूर रहने दे और जिन लोगो को इससे फायदा नहीं मिल रहा हैं उन को आगे बढ़ाएं। हम भी चाहते हैं कि प्रगति का सभी को समान अवसर मिलना चाहिए जातिगत आरक्षण किसी भी हालत में नहीं मिलना चाहिए। भारत का नागरिक है तो उसे आरक्षण प्रगति के आधार पर मिलना चाहिए।

स्वामी स्वरूपानंद ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुये कहा कि, भाजपा राम मंदिर बनाने के पक्ष में नहीं है अगर इनको राम मंदिर बनाना ही था तो बीपी सिंह को शामिल क्यों नहीं किया। भाजपा के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नारे पर तंज कसते हुये कहा कि, देश में जब बेटी बचेगी नहीं तो बहू कहां से लाओगे। अपने देश में भी शिक्षित लोग है अगर सभी विदेश चले जाएंगे तो देश की प्रगति कैसे होगी सब शिक्षित लोग विदेश भाग रहे हैं। उन्होंने कहा जो लोग इसके लायक है उनको ऊपर उठने का अवसर जरूर मिलना चाहिए।

गौरतलब है आज देश में आरक्षण तथा SC/ST कानून को लेकर सवर्ण समाज तथा दलित समाज आमने-सामने है। जिस पर स्वामी स्वरूपानंद ने कहा की, आरक्षण को लेकर सवर्ण समाज नहीं बल्कि पूरे देश को खड़ा होना चाहिए जो दलित हैं उनको भी खड़ा होना चाहिए क्योंकि देश की इस तरह प्रगति नहीं हो सकती हम चाहते हैं जो दलित समाज है वह समाज के साथ मिलकर चले।

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