कोई करगिल युद्ध क्षेत्र में उड़ाया चीता हेलिकॉप्टर, तो किसी ने संघर्ष कर सेना की टुकड़ियों का किया नेतृत्व, ये हैं भारत की वंडर वुमन

हर 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। हमेशा से महिलाएं हमारे समाज के लिए प्रेरणा देने का काम करती आ रही है। महिला शक्ति एक बार फिर आगे आकर आज समाज का नेतृत्व करती नज़र आ रही है। भारत में महिलाओं के कई ऐसे कारनामे मौजूद है जो मिसाल पेश करते है।

आज महिला दिवस के मौके पर हम ऐसी ही कुछ महिलाओं के बारे में आपको बता रहे हैं। जिन्होंने अपनी बहादुरी, साहस, दृढ़ता और खुद के फैसलों से दुनियाभर में ना केवल महिलाओं बल्कि पूरे समाज को प्रेरणा दी है।

पहली भारतीय महिला अफसर गुंजन सक्सेना ने करगिल युद्ध के समय युद्ध क्षेत्र में चीता हेलिकॉप्टर उड़ाया था। फ्लाइट ऑफिसर गुंजन सक्सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चीता हेलीकॉप्टर उड़ा कर जहा एक तरफ युद्ध क्षेत्र में जरूरी सामान पहुंचाया तो वही जख्मी सैनिकों का भी रेस्क्यू किया।

उस दौरान गुंजन पर भी हमले किए गए लेकिन अपनी चालाकी और बहादुरी से जवानों को वहां से सुरक्षित निकाला था। उन्हें राष्ट्रपति ने शौर्य वीर पुरस्कार से सम्मानित किया था।

पंजाब के होशियारपुर की निवासी तानिया शेरगिल चौथी पीढ़ी की सेना अफसर है जिन्होंने पहले सेना दिवस पर दिल्ली के करिअप्पा परेड मैदान में पुरुषों की सभी टुकड़ियों का नेतृत्व कर इतिहास रचा था। तानिया की 3 पीढ़ी सेना में रहकर देश की सेवा की है वही तानिया सेना में जाने का पूरा क्रेडिट अपने पिता को देती हैं।

तानिया बताती हैं कि वह खाने की टेबल पर हमेशा बहादुरी की कहानियां सुनकर ही बड़ी हुई है। तानिया का हमेशा से ही देश की सेवा करने का सपना था। तानिया बचपन में खिलौनों की जगह पिता के साथ हथियारों से खेलती थी। तानिया के पिता तोपखाने, दादा बख्तरबंद और परदादा सिख रेजिमेंट में पैदल सैनिक के तौर पर रह चुके हैं।

217 में सेना को ज्वाइन करने वाली तानिया चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से शामिल हुए हैं। सेना के सिग्नल कोर में कैप्टन तानिया शेरगिल नागपुर से इंजीनियरिंग की है।

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