सुब्रमण्यम स्वामी का ट्वीट – किस के कहने पर वापस हुआ था माल्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस

बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर लिकर कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि देश छोड़ने से पहले मेरी वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाक़ात के बयान ने देश की राजनीति को झगझोर के रख दिया है। अब भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी का 12 जून का एक ट्वीट वायरल हो रहा है। जिसमे उन्होने माल्या के देश छोड़ने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

अपने ट्वीट में स्वामी ने लिखा था कि ‘माल्या भारत देश से कही नहीं जा सकता था क्योंकि उसके खिलाफ सभी एयरपोर्ट्स पर लुक आउट नोटिस जारी था। इसके बावजूद वह दिल्ली आया और यहां किसी पॉवरफुल व्यक्ति से भेंट की। जिसके बाद माल्या के देश से निकलने के लिए लुक आउट नोटिस में बदलाव किया गया। ऐसे में अब सवाल उठता है कि वह कौन व्यक्ति था, जिसने लुक आउट नोटिस में बदलाव किए?’

इस मामले को लेकर द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि, अक्टूबर 2015 को CBI ने विजय माल्या के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था और ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन को कहा था कि यदि विजय माल्या देश छोड़कर भागने की कोशिश करे तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए। लेकिन बाद में CBI ने एक दूसरा पत्र जारी किया और इमीग्रेशन अथॉरिटी को कहा कि वह माल्या को गिरफ्तार करने के बजाए उसकी गतिविधियों के बारे में सिर्फ उन्हें सुचना दे । इसके अलावा 11 मार्च, 2016 को इमीग्रेशन ब्यूरो ने दावा किया कि उन्होंने CBI को इस बारे में बताया था कि विजय माल्या 2 मार्च को इंटरनेशनल फ्लाइट लेने वाला है, लेकिन CBI ने उन्हें बताया कि हमारे पास माल्या के खिलाफ कोई अरेस्ट वारंट नहीं है।

अरुण जेटली ने एक लिखित बयान जारी करके कहा है कि माल्या से मेरी मुलाकात पूरी तरह झूठी है। जेटली ने कहा है कि साल 2014 से लेकर अब तक उन्होंने कभी विजय माल्या को मुलाकात का समय नहीं दिया इसलिए उनसे भेट का सवाल ही नहीं उठता।

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