कोरोनावायरस के संदिग्ध संक्रमित बुजुर्ग व्यक्ति की कर्नाटक के निजी अस्पताल में मौत, हाल ही में सऊदी से लौटे थे

कोरोना वायरस के मामले लगातार भारत में बढ़ते जा रहे है। वही कर्नाटक में कोरोनावायरस के संदिग्ध संक्रमित 76 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मीडिया खबर के मुताबिक, 76 साल का व्यक्ति अभी हाल सऊदी अरब की यात्रा से लौटा था। व्यक्ति का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था।

प्रशासन की तरफ से व्यक्ति की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि व्यक्ति की अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है कोरोनावायरस से संक्रमित था या नहीं।

इसी बीच कोरोना वायरस को लेकर एक अच्छी खबर सामने आयी है। चीन के वैज्ञानिकों ने इस खतरनाक वायरस का असली चेहरा खोज निकाला है। जिसकी तस्वीर शेनझेन थर्ड हॉस्पिटल ने जारी भी की है। शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप तकनीक का इस्तेमाल कर कोरोना वायरस की वास्तविक उपस्थिति दिखाने वाली तस्वीर को कैमरे में कैद कर लिया है।

डेलीमेल के अनुसार, तस्वीर खींचने से पहले शोधकर्ताओं ने वायरस को निष्क्रिय कर दिया था। फिलहाल कोरोना वायरस के नमूने को सुरक्षित रखा गया है यह अब तक का सबसे प्रमाणिक रिजल्ट माना जा रहा है।

बता दें की वैज्ञानिक लगातार कोरोनावायरस का इलाज ढूंढने की कोशिश में जुटे हैं वही माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की तस्वीर वैज्ञानिकों को इसका इलाज ढूंढने में कारगर साबित हो सकती है। शोधकर्ताओं की टीम की मेंबर प्रोफेसर लियू चुआंग ने बताया कि ‘वायरस की उपस्थिति जो हम देखते हैं, वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कि प्रकृति में होता है।’

लियू चुआंग ने ने बताया कि कोरोनावायरस ने इंसान के शरीर के जिस कोशिका पर आक्रमण किया था। हमने उसकी भी तस्वीरें खींची है। शेनझेन थर्ड हॉस्पिटल के सचिव लियू लेई का कहना है कि इस शोध से कोरोनावायरस के खिलाफ दवाइयों और टीकों के विकास में काफी मदद मिलने वाली है। इसके अलावा कोरोना वायरस की तस्वीरों से उनके जीवन चक्र को भी आसानी से समझा जा सकता है।

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