Tag Archives: journalist ravish kumar

सुप्रीम कोर्ट कमेटी भंग कर दे या फिर सदस्य इससे अलग हो जाएं- रवीश कुमार

सुप्रीम कोर्ट के पास कमेटी के चारों सदस्य के नाम कहां से आए, आम जनता के पास यह जानने का कोई रास्ता नहीं लेकिन कमेटी के सदस्यों का नाम आते ही आम जनता ने तुरंत जान लिया कि कमेटी के चारों सदस्य कृषि कानूनों का समर्थन करते हैं। सरकार की …

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संक्रमण का सामना संयम से कर रहे लोग, कई तबकों का किरदार निखर कर आया सामने- रविश कुमार

इसे कामयाबी कहना चाहिए कि भारत की आबादी के बड़े हिस्से ने सामाजिक दूरी का पालन सख़्ती से किया है। उसने कोरोना के ख़तरे को ठीक से समझ लिया है और अनुशासित तरीके से पालन कर रहा है। लोग वाकई ज़रूरी काम के लिए ही निकल रहे हैं। अपने आस-पास …

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संक्रमण से डरे हुए हैं बैंकर, स्वास्थ्य मंत्रालय को इनके लिए भी दिशानिर्देश जारी करने चाहिए

बैंकरों की चिन्ता जायज़ है। उनके काउंटर के आगे लंबी लाइन लग जा रही है। लाइन में ग्राहक एक दूसरे के करीब रहते हैं। नोट के ज़रिए उन तक संक्रमण आ सकता है और कोई सशरीर आ कर वहां कोरोना कणों को वितरित कर सकता है। बैंकर चाहते हैं कि …

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शाहीन बाग़ की तरह जल्द बनेगा बेरोजगार बाग़

सबको पता है कि पाँच सौ रुपये देकर रैलियाँ कौन कराता है। ऐसी रैलियों में जाने वालों को भी पता है कौन कौन कितना कितना देता है। शाहीन बाग़ के जज़्बे को महज़ पाँच सौ में समेट देने वालों ने पटना का सब्ज़ी बाग़ नहीं देखा और न ही कोटा …

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‘स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से शाहीन बाग़ के लिए सलाम आया है- रविश कुमार’

वैसे तो गोदी मीडिया और दो लाइन लिख न सकने वाले नेता जे एन यू को भी लेक्चर देने लगे थे कि छात्रों को पढ़ना चाहिए और राजनीति नहीं करनी चाहिए। जिनकी खुद की डिग्री और पी एच डी पर कई सवाल उठते हैं। जेएनयू को बंद करने की बात …

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‘अपने ही देश के आठ राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री- रविश कुमार’

नागरिकता क़ानून के पास होते ही गृहमंत्री अमित शाह को मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में दौरा करना पड़ा।क़ायदे से जहां से इस क़ानून की उत्पत्ति हुई है वहाँ जाकर लोगों को समझाना था मगर एक महीना हो गया ग़हमंत्री असम या पूर्वोत्तर के किसी राज्य में नहीं जा सके हैं। …

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‘रविश कुमार: योगी जी 2016 की सिपाही भर्ती का क्या हुआ?’

राजनीति में पूरा जीवन लगा देने के बाद कोई मुख्यमंत्री बनता है। मैं समझना चाहता हूँ कि फिर काम क्यों नहीं किया जाता है। सिर्फ़ दिखने या दिखाने लायक़ योजनाओं पर ही ज़ोर नहीं लगाना चाहिए। आपकी सरकार है। आख़िर कब नौकरियों के सिस्टम को बेहतर करेंगे। कुछ तो पहले …

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‘देश को 15-20 साल पीछे ले गई मोदी सरकार, GDP की दर 5 प्रतिशत- रविश कुमार’

कोई भी सूचकांक उठा कर देख लें। कहीं बीस साल में सबसे कम विकास दर है तो कहीं पंद्रह साल में सबसे कम तो कहीं दस साल में सबसे कम। और ये रिज़ल्ट है 2014-2020 यानि साढ़े पाँच साल मज़बूत और एकछत्र सरकार चलाने के बाद। 2016 में प्रधानमंत्री ने …

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‘JNU हिंसा: जवाबदेही से बचने के लिए मंत्री छात्रों को दे रहे पढ़ने का लेक्चर- रविश कुमार’

जेएनयू की हिंसा पर जवाबदेही से बचने के लिए मंत्रियों और समर्थकों का जत्था छात्रों को पढ़ने का लेक्चर दे रहा है। तो फिर सबसे पहले बीजेपी/ संघ ही ए बी वी पी को भंग कर दे। कहे कि छात्रों का काम पढ़ना है तो राजनीति के लिए संगठन की …

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मेक इन इंडिया की तरह फ्लॉप होने की राह पर है उज्ज्वला, फ़सल बीमा और आदर्श ग्राम योजना- रविश कुमार

प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना अपने लांच होने के साल में ही सवालों से घिर गई थी। 2016 में यह योजना लांच हुई थी। प्रीमियम देने के बाद भी बीमा की राशि के लिए किसानों को कई राज्यों में प्रदर्शन करने पड़े हैं। कंपनियों के चक्कर लगाने पड़े हैं। यहां तक …

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