जैश के ठिकानों पर 3 महीने का हाईटेक ट्रेनिंग कोर्स लेते थे आतंकी, GPS, MAP से बताए जाते थे घुसपैठ के आसान रास्ते

बालाकोट में हाईटेक ट्रेनिंग लेकर आतंकी पीओके से कश्मीर में मुख्य चार रास्तों से आते थे। जिसकी जानकारी सुरक्षा अधिकारियों ने दी है। अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, बालाकोट में आतंकी कैंपो में ट्रेंड जैश के आतंकवादी भारत में हमलो को अंजाम देने के लिए कश्मीर में आने के लिए चार प्रमुख रास्तो का इस्तेमाल किया करते थे।

जनसत्ता में छपी खबर के अनुसार, एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जैश के आतंकवादी कश्मीर में आने के लिए ज्यादातर जिन रास्तों का इस्तेमाल किया करते थे उनमें कुपवाड़ा जिले में कुपवाड़ा में बालाकोट – लोलाब, कुपवाड़ा के मगाम जंगल में बालाकोट – केल – कैंथावली, कुपवाड़ा जिले में बालाकोट – केल – दूधनियाल, कुपवाड़ा में बालाकोट – केल- काचमा – क्रालपोरा शामिल थे। बतादे की भारतीय वायुसेना ने मंगलवार 26 फरवरी को बालाकोट स्थित आतंकी शिविरों पर बम गिराकर तबाह कर दिया था।

पीओके के नीलम घाटी में स्थित केल का इस्तेमाल आतंकियों के ‘लॉन्चिंग प्वाइंट’ के लिए किया जाता था जो जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करते थे। जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी घुसपैठ करने से पहले कई तरह के हाईटेक ट्रेनिंग कोर्स पूरे करते थे जिसमे 3 महीने का एडवांस कॉम्बैट कोर्स जिसे दौरा-ए-खास कहा जाता है। दौरा-अल-राद नाम से एडवांस आर्म्ड ट्रेंनिंग कोर्स लेते थे। और साथ रिफ्रेशर कोर्स। इसके अलावा बालाकोट में आतंकियों को AK 47, पीका, यूबीजीएल, रॉकेट लॉन्चर, एलएमजी और ग्रेनेड जैसे घातक हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता था। माना जा रहा है की ये ट्रेनिंग कैंप मदरसा आयेशा सादिक की आड़ में चलाया जा रहा था।

अधिकारी ने आगे बताया की, हथियारों के चलाने के अलावा आतंकियों को जंगल में रहने, घात लगा कर हमला करने, बातचीत, जीपीएस, नक्शा पढ़ना इत्यादि की भी ट्रेनिंग दी जाती थी। यहाँ तक की इन आतंकियों को घुड़सवारी, तैराकी और तलावरबाजी की भी ट्रेनिंग दी जाती थी। एक अन्य अधिकारी ने बताया की आतंकवादियों के ट्रेनिंग के दौरान उन्हें इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट (आई सी – 814) को हाईजैक कर जैश द्वारा कंधार ले जाए जाने की घटना जैसे वीडियो दिखाकर उन्हें कट्टर बनाया जाता है। आतंकवादियों को मुस्लिमो के खिलाफ कथित अत्याचार, गोधरा कांड पर ‘हां मैंने देखा है गुजरात का मंजर’ नाम का वीडियो के साथ बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े भाषणों का वीडियो दिखाया जाता था।

सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण शिविर तक़रीबन 325 आतंकवादी और 25 से 27 प्रशिक्षक हमले के दौरान मौजूद थे। जैश ए मोहम्मद का यह सबसे बड़ा शिविर था। 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानो पर आतंकी हमला जैश ने आतंकवादियों ने किया था। जिसकी जिम्मेदारी जैश ने ली थी। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

Check Also

चीन से होगी आज अहम बातचीत, TikTok सहित 59 ऐप्‍स बैन लेकिन PAYTM, VIVO, OPPO बैन क्यों नहीं

प्रधानमंत्री आज देश को छठी बार संबोधित करने वाले हैं, जानिए कि चीन की 59 …