‘तो इस वजह से पायलट अभिनंदन को हाथ भी नहीं लगा सकती PAK सेना’

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पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर दावा किया था की, पाक सेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसे दो भारतीय लड़ाकू विमान को मार गिराया गया और एक पायलट को गिरफ्तार कर लिया। आसिफ गफूर के दावों पर रिटायर्ड मेजर जनरल केके सिन्हा का कहना है की मिग-21 जो भारतीय सीमा की सुरक्षा में तैनात था। और पायलट अभिनंदन वर्दी में है। इसलिए पाकिस्तान जिनेवा युद्ध बंदी एक्ट के तहत पायलट को छोड़ना होगा।

रिटायर्ड मेजर जनरल केके सिन्हा ने कहा की चूँकि पाक सेना मीडिया के सामने यह मान चुकी है की भारतीय वायुसेना का एक पायलट अभिनंदन उसके कब्जे में है। जिनेवा युद्ध बंदी एक्ट के तहत पाकिस्तान को भारतीय वायुसेना के पायलट को रिहा करना ही पड़ेगा।

न्यूज18 हिन्दी से बातचीत में रिटायर्ड मेजन जनरल केके सिन्हा ने बताया की, “कारगिल युद्ध के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता का पाकिस्तान में उतरना और पाक सेना द्वारा उन्हें पकड़ना और फिर उनका सही-सलामत वापिस आना एक बड़ा उदाहरण देश के सामने है।”

सिन्हा ने आगे कहा, “अगर हमारे पायलट अभिनंदन को कुछ भी होता है तो ये जिनेवा एक्ट का उल्लघंन होगा और इंटरनेशनल लेवल पर ये एक क्रीमिनल केस होगा। 7 दिन बाद ही पाक ने नचिकेता को हमे सही-सलामत सौपा था। ऐसा ही हमारे मिग के पायलट के साथ भी होगा। वर्ना जिनेवा एक्ट का उल्लंघन पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ेगा। दूसरी बात ये कि मेडिकल सुविधा भी उस पायलट को वैसी ही मिलती जैसे डयूटी के दौरान अपने देश में दी जाती है।”

पाकिस्तान सेना द्वारा गिरफ्तार किये गए भारतीय वायुसेना के पायलट पर विंग कमांडर रिटायर्ड एके सिंह ने कहा की, कारगिल युद्ध के समय भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलट नचिकेता को पाकिस्तान ने पकड़ लिया था। वो कारगिल लड़ाई के अकेले युद्धबंदी थे। उनको छुड़ाने के लिए भारत सरकार ने प्रयास किये थे। तब पायलट को रेडक्रॉस के हवाले कर दिया गया था। फिर भारत उन्हें वहाँ से वापस लेकर आया। जानकारी मिली की जिनेवा युद्ध बंदी एक्ट के तहत युद्धबंदी को अधिकार दिए जाते है।

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