खेत से खाने के लिए अनाज ला रहे, गरीब किसान और उसकी नाबालिग बेटी को पुलिस ने जमकर पीटा, दोनों अस्पताल में भर्ती

मामला बदायूं का है, सोमवार को यहां अपने पिता को बचाने आई बेटी को पुलिस ने जमकर पीटा। पुलिस दवारा युवती को इतना पीटा गया कि, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना मूसाझाग थाने की है। दरअसल, इस वक़्त गेंहू कटाई का सीजन चल रहा है, गेहूं की कटाई के लिए सरकार ने किसानों को पूरी छूट दी हुई है। बदायूं के उतरना गांव में पुलिस को सड़क पर गेहूं से भरी एक ट्राली दिखाई दी। पुलिस पर आरोप लगा है कि यह देखते ही पुलिस वालों ने सत्यापल नाम के किसान को भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया।

जागरण की खबर के मुताबिक, जब सत्यपाल ने गालियां देने का विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। पिता को पीटते देखकर उसकी बेटी शिवानी बचाने दौड़ी। लेकिन इतने में पुलिस वालों ने पिता को छोड़कर बेटी शिवानी को पीटना शुरू कर दिया।

गांववालों ने जब एकत्रित होकर पुलिस का विरोध किया तब पुलिस वाले वहां से भाग खड़े हुए। बुरी तरह घायल शिवानी को अस्पताल भर्ती कराया गया है। वहीँ समाजवादी पार्टी ने सरकार से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

इसकी घटना की सूचना जैसे ही बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को मिली तो उन्होंने फेसबुक के माध्यम से निंदा की है। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि, दुखद शर्मनाक व निन्दनीय UP पुलिस का क्रूर और शर्मनाक रूप आज एक बार फिर बदायूं में देखने को मिला। यहॉं के ग्राम उतरना में पुलिस ने एक गरीब किसान के नाबालिग बच्चों-शिवाली(१६) शिवानी (१४) जतिन (१८) व परिवार की अन्य महिलाओं के साथ घर में घुसकर मारपीट की। बच्चों का क़सूर सिर्फ़ इतना था कि वे अपने परिवार के खाने का अनाज, खेत से लाकर घर मे उतार रहे थे।

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