तीन साल की बच्ची के साथ 900 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची महिला, जैसे ही घर पहुंची देखकर रो पड़े परिजन

लॉकडाउन के दौरान रोज़ाना अविश्वसनीय मामले देखे जा रहे हैं, रविवार को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमे एक युवती अपनी तीन वर्षीय बच्ची व तीन भाइयों के साथ 900 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गांव जगदीशपुर पहुंची। जिसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अफसरों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हें होम क्वारंटीन करवा दिया है।

आपको बता दें कि जगदीशपुर थाने के गांव बड़ौली की रहने वाली अस्तुल निशा लॉकडाउन के बीच इंदौर में फंस गई थी। अस्तुल निशा के साथ उसका सगा भाई सुलेमान व दो चचेरे भाई इकराम व सद्दाम भी इंदौर में फंसे हुए थे।

अमर उजाला में छपी खबर के अनुसार, लॉकडाउन के बीच कुछ दिनों तक तो उन्होंने किसी तरह गुजारा किया, लेकिन जब हालात ख़राब हुए तो अस्तुल निशा अपनी तीन साल की बच्ची व तीनों भाइयों के साथ पैदल गांव के लिए निकल पड़ी। रस्ते में मिलने वाली पुलिस से बचने के लिए महिला ने अपनी बच्ची व भाइयों के साथ खेत मेड़ से होते हुए 900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। जिसके बाद सभी लोग शनिवार रात अपने गांव पहुंचे। घर पर एक साथ सभी को देखकर परिजनों की आंखें भर आईं।

फिर रविवार सुबह इस मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मुसाफिरखाना पल्लवी सिंह गांव पहुंचीं और अपने सामने सभी को सीएचसी ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। परीक्षण में महिला व मासूम के साथ तीनों युवक स्वस्थ पाए गए। लेकिन फिर भी तहसीलदार पल्लवी सिंह ने महिला व युवकों को मास्क, सैनिटाइजर व राशन किट देकर उन्हें होम क्वारंटीन कराया। तहसीलदार ने युवती से किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल फोन पर सूचित करने को भी कहा है।

Check Also

केरल: गर्भवती हथिनी को खिलाया पटाखों से भरा अनानास, जबड़ा फटा, हो गयी गर्भवती हथिनी की दर्दनाक मौत

केरल में कुछ शरारती लोगो ने एक गर्भवती हथिनी के मुँह में पटाखों से भरा …