95 साल की इस बूढ़ी महिला ने लॉकडाउन में राख खाकर मिटाई भूख, कई दिनों से नहीं मिली थी रोटी

कोरोना वायरस से लोगो के बचाव के लिए लॉकडाउन 3 मई तक लागु है। लेकिन इस बीच कुछ जगह से दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरे सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के छिदंवाड़ा जिले में देखने को मिला है। यहां एक बुजुर्ग महिला अपनी भूख मिटाने के लिए राख खाने को मजबूर हो गई।

दरअसल, गरीबी की यह दुख भरी कहानी छिंदवाड़ा जिले मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर भटेवाड़ी गांव की है। यहां 95 साल की वृद्धा पूनियाबाई धुर्वे कंडे की राख को अपना भोजन मानकर पेट भर रही थी।

जानकारी के मुताबिक, वृद्धा अपने इकलौते बेटे के साथ एक झोंपड़ी में रहती थी। लेकिन, कुछ समय पहले वह अपनी बूढ़ी मां को अकेला छोड़कर कहीं चला गया। जिसके बाद से यह महिला लॉकडाउन से पहले तक वह गांव में मजदूरी करके और लोगों के घर खाना मांग कर अपना पेट भर रही थी।

लॉकडाउन के बाद ना तो कोई काम मिल रहा है और ना ही किसी के घर खाना मांगने जा पा रही है। जब बुजुर्ग महिला की इस हालत के बारे में नगरपालिका के स्वच्छता उपनिरीक्षक रवि चौधरी को सुचना मिली तो उन्होंने प्रशासन के जरिए वृद्धा के भोजन की व्यवस्था की। वहीं अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सभी कर्मचारियों को हिदायत दी की कोई भी गांव में भूखा नहीं रहे, इस बात का ध्यान रखा जाए।

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