दो दिन बाद जब शहीद जवान के घर पहुँचे भाजपा मंत्री, परिजन ने लगाई क्लास- देखे VIDEO

0
153
photo credit: ANI
Loading...

बिहार: जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शुक्रवार की शाम आतंकियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार शहीद हो गए थे। शहीद इंस्पेक्टर का शव रविवार को पटना एयरपोर्ट पर सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर पहुँचा। फिर शहीद का शव हेलिकॉप्टर के जरिये उनके पैतृक गांव बेगूसराय के लिए रवाना हुआ। लेकिन सत्ताधारी पार्टी का कोई भी मंत्री या विधायक शहीद के शव पर माला चढाने नहीं आया।

वही जब जवान का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद देर रात नीतीश सरकार में मंत्री विजय सिन्हा शहीद पिंटू कुमार के घर पहुंचे तो परिजन ने सबके सामने फटकार लगा दी। शहीद के परिजन के कहा, “यह काम नहीं करता है। आप श्रद्धांजलि देने काफी देर से आए हैं। यह एक शहीद का अपमान है।”

वही अपनी सफाई में मंत्री विजय सिन्हा तथा साथ आये लोगो ने कहा की, कहा, “हम लोगों को इस बात का दुःख है कि समय पर नहीं पहुंचे। कम्यूनिकेशन गैप हुआ है। हम लोगों ने अपने अधिकारी के सामने यह सवाल उठाए हैं। यह चूक हुई है। हमें जैसे मालूम हुआ, रात में चलकर आए हैं। संवेदना थी, तब न आए। रैली में इतनी भीड़ थी कि गाड़ी निकल नहीं पा रही थी। जाम नहीं रहता तो हम लोग समय पर ही पहुंच जाते। बता दें कि आज ये सरकार पूरी तरह से सेना के लिए काम कर रही है।”

मंत्री की सफाई पर शहीद के घर वालो ने कहा, “भीड़ कहां नहीं होता है। उस चीज को कंट्रोल किया जा सकता है। उस चीज को रद्द किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि बाद में श्रद्धांजलि देने आए। ये कर देंगे। वो कर देंगे। ये हो गया। वो हो गया। ये तो शहीद का अपमान हो गया। इसका यही मतलब है कि इतनी बड़ी शहादत को कोई प्रभाव ही नहीं पड़ा।”

बिहार में एनडीए की संकल्प रैली थी जहाँ भाजपा, जदयू, लोजपा के सभी बड़े नेता पटना में मौजूद थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिसीव करने पटना एयरपोर्ट गए थे। लेकिन किसी भी नेता ने शहीद पिंटू कुमार श्रद्धांजलि नहीं दी। तब आहत होकर शहीद पिंटू के भाई ने कहा, “शहादत की जगह रैली को एहमियत दी गयी है। शहीद को तो बाद में भी देखा जा सकता है। मरने वाला तो मर गया। मंत्री जी को क्या लेना है? मंत्री और मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पर नहीं आए, इसी से तो पता चलता है कि हमारी सरकार सेना की कितनी मदद कर रही है।”

हालाँकि इस पुरे मामले पर जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने माफ़ी माँगते हुए कहा, “हम इस चूक के लिए माफी मांगते हैं। इस दुख की घड़ी में हमें आपके साथ होना चाहिए था।”

Loading...