लॉकडाउन में बेबस परिवार, एम्बुलेंस नहीं मिलने पर बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा बेटी का शव

उत्तर प्रदेश: लॉकडाउन की वजह से हर तरफ लोग बेबस नजर आ रहे हैं। ऐसी ही एक खबर यूपी के बागपत जनपद से आई है इसे पढ़कर आपका दिल दहल जाएगा। बागपत जिले के गौरीपुर गांव नई बस्ती में एक बीमार युवती की पथरी के दर्द की वजह से सोमवार को मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनी।

लेकिन लॉकडाउन की वजह से कोई भी वाहन शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को तैयार नहीं था। ऐसी स्थिति में परिवार को शव को 3 किलोमीटर दूर पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने के लिए बैलगाड़ी का सहारा लेना पड़ा।

मीडिया खबर के अनुसार, बागपत जनपद के गौरीपुर गांव की नई बस्ती के रहने वाली सितारा जिसकी उम्र 18 साल थी काफी दिन से बीमार थी। सोमवार सुबह पथरी का दर्द उठने से हालत इतनी खराब हुई थी कुछ ही मिनटों में युवती की मौत हो गई। पुलिस को मौत की सूचना दी गई। निवाड़ा चौकी से पुलिस पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम कराने की बात कही।

लेकिन लॉकडाउन की वजह से कोई वाहन शव को ले जाने के लिए तैयार नहीं था। हालांकि पुलिस ने भी गाड़ी का इंतजाम नहीं किया। ऐसे में मजबूत परिवार वाले खुद शव को बैलगाड़ी पर रखकर 3 किलोमीटर दूर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

वही युवती की मां मुन्नी ने बताया कि पुलिस ने भी गाड़ी का कोई इंतजाम नहीं किया इसके बाद वह अपनी बैलगाड़ी पर शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। हालांकि युवती के परिवार वालों ने एंबुलेंस को फोन नहीं किया था। भाई शाहनवाज, इमरान और शादाब ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से निजी गाड़ी वाले शव को लेकर जाने के लिए तैयार नहीं थे। जिसकी वजह से उन्हें बैलगाड़ी से शव लेकर जाना पड़ा।

वहीं इस मामले पर निवाड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज जनार्दन ने जानकारी देते हुए कहा कि युवती की मौत घर पर ही हुई थी। परिजनों की आपसी सहमति से ही शव बैलगाड़ी से पोस्टमार्टम हाउस तक लाया गया था।

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