UPMRC: लखनऊ मेट्रो चलने के लिए बिल्कुल तैयार, सरकार के दिशा-निर्देशों का है इंतजार

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के एहतियाती उपाय के रूप में 60 दिनों से अधिक समय तक निलंबित रहने के बाद, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरीडोर में यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

यूपीएमआरसी द्वारा आज ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मेट्रो डिपो के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग (सीओईटी) में एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। यह विशेष बैठक श्री कुमार केशव, प्रबंध निदेशक, यूपीएमआरसीएल की अगुवाई में हुई, जिसमें देशव्यापी लॉकडाउन के बाद मेट्रो सेवाओं की संचालन निरंतरता के लिए तैयारियां और उनसे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश मेट्रो मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) का एक रूप है और लखनऊ के लोगों को निरंतर मेट्रो ट्रेन सेवाएं प्रदान कर रहा है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के मद्देनजर, देशव्यापी लॉकडाउन के समर्थन में मेट्रो सेवाओं को पूर्णतः निलंबित कर दिया गया था, लेकिन मेट्रो कर्मचारी सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। श्री कुमार केशव, प्रबंध निदेशक, यूपीएमआरसी के गतिशील नेतृत्व के अंतर्गत, सभी मेट्रो अधिकारी और कर्मचारी परिचालन मेट्रो प्रणाली के रखरखाव के लिए निरंतर तत्पर हैं, जिससे यात्रियों को कोई असुविधा न हो। यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए यूपीएमआरसी द्वारा कई एहतियाती उपाय और व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें एक सहज और सुरक्षित यात्रा प्रदान की जा सके।

प्रबंध निदेशक, श्री कुमार केशव विशेष संबोधन में जिन विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया, उनमें स्टेशन परिसर और मेट्रो ट्रेनों को पूरी तरह से सैनिटाइज करना शामिल था। श्री कुमार केशव ने यात्रियों के संपर्क में आने वाले सभी स्थान जैसे- टिकट काउंटर, टिकट वेंडिंग मशीन, कस्टमर केयर सेंटर, प्रवेश निकास द्वार, एएफसी मशीन, मेट्रो ट्रेन के अंदर हैंडरेल एस्केलेटर की हैंडरेल इत्यादि, के नियमित अंतराल पर (हर चार से पांच घंटे) सैनिटाइजेशन पर जोर दिया और “अडॉप्ट मेट्रो विद सोशल डिस्टेंसिंग” का नारा देते हुए सभी यात्रियों से आपस में उचित दूरी बनाए रखने की अपील करी।

इस संदर्भ में, यूपीएमआरसी प्रबंधन ने यात्रियों द्वारा पालन करने हेतु कई अनिवार्य दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:

मेट्रो से यात्रा करने के लिए सभी को फेस मास्क पहनने होंगे।

लखनऊ मेट्रो के सभी यात्रियों के लिए अपने मोबाइल फोन में आरोग्यसेतु ऐप होना अनिवार्य है।

मेट्रो परिसर में कदम रखने से पहले सभी को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा।

ट्रेन के अंदर अपने साथी यात्री से एक सीट के गैप पर बैठना होगा।

एक समय में केवल दो व्यक्तियों को ही लिफ्ट का उपयोग करने की अनुमति होगी।

सभी को सामाजिक-दूरी बनाए रखने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर की गई मार्किंग का पालन करना होगा।

उन्होंने परिचालन अधिकारियों और कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए की स्टेशन पर तैनात सभी कर्मचारी जैसे- स्टेशन कंट्रोलर (एससी), कस्टमर केयर असिस्टेंट (सीआरए) और सुरक्षाकर्मी मास्क और दस्ताने पहनकर तथा उचित दूरी बनाते हुए ही यात्रियों के संपर्क में आए। यूपीएमआरसी ने मेट्रो स्टेशनों के प्रत्येक वॉशरूम में पहले से ही टिशू पेपर और सैनिटाइजर की उपलब्धता की व्यवस्था की है। मेट्रो परिसर और ट्रेन के अंदर साफ-सफाई बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

श्री कुमार केशव ने मेट्रो कर्मचारियों को भी सलाह दी कि वे यात्रियों को गोस्मार्ट कार्ड का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें जो कि वायरस को अनुबंधित कर के संक्रमण को कम करने के साथ संपर्क रहित यात्रा का एक उचित माध्यम है। यात्री गो स्मार्ट कार्ड को ऑनलाइन रिचार्ज भी कर सकते हैं और बिना किसी के संपर्क में आए इसका उपयोग कर सुरक्षित यात्रा भी कर सकते हैं। लखनऊ मेट्रो स्टेशन परिसर को हर 4 से 5 घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा और हर मेट्रो ट्रेन को भी दिन में दो बार सेनीटाइज किया जाएगा। (सदफ हसन की रिपोर्ट)

Check Also

‘ढोंगी बाबाओं’ के आश्रम के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें स्वयंभू …