लोकसभा में CAB पास होने पर बौखलाया अमेरिकी आयोग कहा, मोदी सरकार ने गलत रास्ते पर लिया खतरनाक मोड़

नई दिल्ली: सोमवार को लंबी बहस के बाद आखिरकार लोकसभा से नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया। इसके बाद पूरे देश में साइंटिस्टों, स्कॉलर्स और कई राजनीतिक पार्टियों ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद अमेरिकी आयोग ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने एक गलत रास्ते पर खतरनाक मोड़ लिया है।

नागरिकता संशोधन विधेयक के अनुसार, धार्मिक प्रताड़ना की वजह से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी के तौर पर नहीं माना जायेगा। यह सभी लोग भारत में नागरिकता लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अमेरिकी आयोग ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक भारत में बड़ी समस्या खड़ा करने वाला है। अपने बयान में यह भी कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास हो जाता है तो अमेरिकी सरकार को चाहिए कि वह अमित शाह से लेकर दूसरे बड़े नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार करें। क्योंकि अमेरिकी आयोग लोकसभा से इस बिल के पास होने से बड़े खतरे में है।

लोकसभा में सोमवार देर रात तक चली लंबी बहस के बाद लगभग 11बजकर 45 मिनट पर वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। इसमें नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में कुल 313 वोट पड़े जबकि विपक्ष में केवल 80 वोट डले। लोकसभा में बिल को मंजूरी मिलने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आज मंगलवार को केंद्र सरकार राज्यसभा में भी संशोधन बिल पास करा सकती है।

वहीं देश के गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर तर्क देते हुए कहा कि भारत में धर्म के नाम पर भेदभाव हो रहा है ऐसा करना गलत है क्योंकि भारत में 1951 में 84 परसेंट हिंदू थे जो 2011 में घटकर केवल 79 फ़ीसदी रह गए। वही मुसलमानों पर भी आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि 1951 में मुसलमान 9.8 परसेंट थे जो 2011 में बढ़कर 14.8 परसेंट हो गए। उन्होंने साफ कहा कि धर्म के आधार पर ना भेदभाव हो रहा है और ना आगे होगा।

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