सुप्रीम कोर्ट से बोले योगी आदित्‍यनाथ- फैसला नहीं कर पा रहे हो तो बताओ, 24 घंटे में निपटा देंगे… देखे वीडियो

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उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडिया टीवी के कार्यक्रम में कहा की ‘न्यायालय राम मंदिर मुद्दे का फैसला जल्दी करे और नहीं कर सकता तो केवल हमें सौंप दे, मैं कह सकता हूं कि चौबीस घंटे के भीतर राम जन्मभूमि से संबंधित विवाद का समाधान कर देंगे।’

उन्होंने आगे कहा की राम जन्म भूमि विवाद पर अगर न्यायालय के फैसले में देरी होती है तो यह जनता के सब्र और भरोसा के सामने कष्ट खड़ा करता है। आगे कहा की ‘अगर विवाद सुलझ गया, तीन तलाक प्रतिबंध लागू है, तुष्टिकरण की राजनीति का हमेशा के लिए अंत हो जाएगा।।’

आपको बतादे की इसी महीने की शुरुआत में न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ़ कह चुके है की राम मंदिर विवाद अभी उच्च न्यायालय में प्रलंबित है उसे पूरा होने दिया जाये। कहा था की उच्च न्यायालय की तरफ से जो भी फैसला आता है। और जहाँ से सरकार की जिम्मेदारी शुरू होती है। सरकार वो सभी प्रयास करने के लिए तैयार है। इस मुद्दे को राजनीतिक की नज़र से नहीं देखना चाहिए।

बता दें कि शुक्रवार (25 जनवरी, 2019) को मूल बेंच के मेंबर न्यायमूर्ति यूयू ललित ने 10 जनवरी को इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था जिसके चलते राम जन्मभूमि विवाद में आगे की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय एक नई संविधान बेंच बनाई थी।

गौरतलब है की न्यायमूर्ति यूयू ललित 1997 में इसी मामले में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तरफ से एक वकील के तौर पर पेश हुए थे। जिसके बाद न्यायमूर्ति यूयू ललित ने इस मामले में आगे की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

अब नई बेंच में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस ए नजीर, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को शामिल किया गया है। अब न्यायमूर्ति एन वी रमण भी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बनाई गयी नई बेंच का हिस्सा नहीं है। लेकिन 10 जनवरी को इस मामले में जिस बेंच ने सुनवाई की थी उसमे शामिल थे। वही नई बेंच के गठन में न्यायमूर्ति भूषण और नजीर नये मेंबर जुड़े है।

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