ksrtc employees strike News BS Yediyurappa Appeal To Striking Staff With Folded Hands Run Buses – कर्नाटक में हड़ताली कर्मचारियों से बोले CM येदियुरप्पा

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कर्नाटक में वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के चालकों और परिचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन शुक्रवार को भी राज्य के अधिकतर हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित रही। सभी चार परिवहन निगम के अधिकतर कर्मचारियों के काम पर ना आने के कारण, बेंगलुरु सहित पूरे राज्य में ज्यादातर सड़कों से बसें नदारद रहीं, जिससे यात्रियों का परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के असर को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाथ जोड़कर हड़ताल खत्म करने की अपील की और कहा कि वे वापस अपने काम पर लौट जाएं। 

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया पर आरोल लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं हाथ जोड़कर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स से अपील करता हूं। जो कुछ भी लोग कह रहे हैं उसे मत सुनें और जिद्दी न बनें। पिछले साल की समस्याओं के बावजूद, जब आपके विभाग में वेतन के लिए कोई धन नहीं था, तो हमने 23 करोड़ दिए। सिद्धारमैया आपको गलत सूचना दे रहे हैं।’ बता दें कि कांग्रेस नेता सिद्धारमैया स्ट्राइक के मुद्दे को लेकर येदियुरप्पा सरकार पर लगातार हमलावर हैं। 
     
इससे पहले राज्य सरकार ने गुरुवार की शाम को एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया था कि सरकार छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के क्रियान्वयन की मांगों को लेकर राजी नहीं होगी। वहीं, सख्त कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद आरटीसी के कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

हड़ताल की वजह से दूर-दराज के क्षेत्रों में और कार्यालय जाने वाले लोग इस हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। हड़ताल के कारण लोगों को हो रही असुविधा को दूर करने के मकसद से सरकार ने निजी परिवहन संचालकों की सेवाएं लेकर तथा कुछ विशेष ट्रेनें चलाने का प्रबंध किया। निजी बसें, मिनी बसें, मैक्सी कैब और अन्य परिवहन वाहन भी राज्य के कई हिस्सों में चलते नजर आए। मेट्रो ने भी अपनी सेवाएं बढ़ाकर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कर दी हैं।

कई निजी संचालकों ने बताया कि अधिकतर यात्रियों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों ने बताया कि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एसमा) लगाने की धमकी के बाद आरटीसी के कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए और कुछ स्थानों पर बसें सड़कों पर चलीं। परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव अंजुम परवेज ने गुरुवार को बताया था कि अस्थायी व्यवस्था के तौर पर पिछले दो वर्षों में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों से सेवा पर वापस आने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘उनका शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है और उनकी आंखों की जांच भी की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों से भी काम पर वापस आने का अनुरोध किया, क्योंकि सरकार ने उनकी नौ मांगों में से आठ मांगें मान ली हैं और अंतरिम राहत के तौर पर आठ प्रतिशत वेतन वृद्धि का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल की वजह से हर दिन करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।’ 

गौरतलब है कि बीएमटीसी, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी), उत्तरी पश्चिमी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) और उत्तर पूर्वी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (एनईकेआरटीसी) के कर्मियों ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कर्मचारी लीग के बैनर तले सात अप्रैल से हड़ताल का आह्वान किया था।



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